Wednesday, July 3, 2019

राहुल के इस्तीफे पर 'जय श्री राम'



सुरभि भावसार 

पहले पेशकश, फिर शर्तों के साथ पद पर बने रहता, फिर मनाने का दौर, फिर धरने की नौटंकी और आखिर में इस्तीफा। तमाम सम्झाईशें और गुजारिशे भी काम नहीं आई और आखिर में आज राहुल गांधी ने कांग्रेस के अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया है। ट्विटर पर 4 पन्नों की चिट्ठी लिखकर राहुल गांधी ने अपनी बात कही। वजह भी बताई, तरीका भी सुझाया और मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। 

राहुल गांधी ने चिट्ठी में अपने इस्तीफे की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव 2019 में पार्टी को मिली करारी हार की जिम्मेदारी मेरी है। पार्टी के विकास के लिए जवाबदेही महत्वपूर्ण है, मैं हार की जिम्मेदारी लेता हूं और इसी कारण मैं अपना इस्तीफा सौंप रहा हूं। हालांकि आगे उन्होंने लिखा कि कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर रहना मेरे लिए गर्व की बात है। 


पार्टी को सुझाव देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मैंने इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस वर्किंग कमेटी को सुझाव दिया है कि वह कुछ लोगों यह जिम्मेदारी दें और वह एक नए अध्यक्ष का चुनाव करें। मैं इस काम में उनका पूरा सहयोग करूंगा। मेरा संघर्ष कभी बेकार नहीं जाएगा। भाजपा का मैंने हमेशा विरोध किया है और आखिरी दम तक भाजपा की विचारधारा का विरोध करता रहूंगा। मेरा यह विरोध निजी नहीं बल्कि भारत की विचारधारा के आधार पर है। मैं कांग्रेस का एक वफादार सैनिक हूं और भारत माता का सच्चा सपूत भी। ऐसे में देश को बचाने के लिए आखिरी सांस तक लड़ता रहूंगा।

जब उनसे नए अध्यक्ष का नाम पूछा गया तो उन्होंने इससे भी इनकार कर दिया। राहुल ने लिखा कि उनके कुछ सहयोगियों का कहना है कि वे पार्टी के किसी ठीक नेता को आगे के नेतृत्व के लिए नामित करें लेकिन मेरे लिए इस हालत में अगले नेतृत्व का चयन करना सही नहीं होगा। हमारी पार्टी का इतिहास पुराना है। यह एक विचारधारा वाली पार्टी है और मैं उसका सम्मान करता हूं। ऐसे में मुझे पूरा विश्वास है कि पार्टी किसी एक अच्छे नेता का चुनाव करने में पूरी तरह से सक्षम है जो पार्टी को मजबूत नेतृत्व दे सकता है।

वहीं  राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद पक्ष-विपक्ष की तमाम प्रतिक्रिया भी आपने लगी है। अमेठी में राहुल गांधी को मात देने वाली केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से जब इस बारे में पूछा तो वह 'जय श्री राम' कहकर चली गईं। फिलहाल पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष मोतीलाल वोरा होंगे। 


राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद पार्टी गांधी मुक्त तो गई है लेकिन अब सवाल ये भी उठ रहे है कि राहुल गांधी मैदान से भाग क्यों रहे हैं? अब पार्टी किसे यह जिम्मेदारी सौंपेगी? क्या नया अध्यक्ष पार्टी के कार्यकर्ताओं में उत्साह भर पाएगा? क्या पार्टी को फिर से खड़ा पाएगा? खैर इन तमाम सवालों के जवाब तो आगे ही मिल पाएंगे लेकिन पार्टी के नेता राहुल गांधी को नहीं मना सके। 


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