रेप की घटनाएं पुलिस के लिए आम बन गई है। आरोपी छोटी-छोटी बच्चियों को हवस का शिकार बनाकर विदेश भाग जाते है और पुलिस और भारतीय एजेंसियों के लिए यह एक छोटा केस हो जाता है। पीड़ित बच्ची आत्महत्या कर लेती है लेकिन घटना के दो साल बाद भी उसके आरोपी को नहीं पकड़ पाती। इसी बीच एंट्री होती है एक ऐसी आईपीएस ऑफिसर की जो आरोपी को विदेश से घसीटकर ले आती है।
जी हां, हम बात कर रहे है केरल के कोल्लम की आईपीएस ऑफिसर मेरिन जोसेफ की। मेरिन जोसेफ ही 13 साल की बच्ची के साथ बलात्कार करने वाले आरोपी को सऊदी अरब से घसीटकर भारत लाई है।
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दरअसल, मेरिन जब यहां की आईपीएस ऑफिसर बनी तो उन्होंने अपराध की सभी फाइलें मंगवाई। इस दौरान एक फाइल ऐसी निकली जिसका आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर था। जब मेरिन ने इस मामले की जांच की तो मामला 13 साल की बच्ची के साथ रेप का निकला। सुनील कुमार भद्रन नाम के आरोपी ने 13 साल की बच्ची के साथ 2017 में बलात्कार किया था।
इस मामले में सबसे दुखद पहलू ये है कि बच्ची ने आत्महत्या कर ली। आरोपी का इंटरपोल इश्यु होने के बाद भी 2 साल तक उन्हें लाने में पुलिस नाकाम रही थी। इस बात की जानकारी लगने के बाद मेरिन ने यह केस अपने हाथों में लिया और फिर से इंटरपोल अरब, इंडियन एम्बेसी, इंटरनेशनल इन्वेस्टीगेशन सेल जैसे एजेंसियों से संपर्क किया।
बच्ची के आरोपी को पकड़ने के लिए मेरिन ने दिन-रात एक कर दिया। आखिरकार खुद सऊदी अरब पहुंचकर आरोपी को पकड़कर ही दम लिया, जिसके बाद वह आरोपी को पिछले रविवार भारत घसीटकर लाई।
आरोपी को सऊदी से लाकर मेरिन ने देश को बता दिया एक बच्ची के साथ दुष्कर्म कोई छोटा केस नहीं होता। बच्चियों के साथ हुए दुष्कर्म/ बलात्कार का ऐसा कोई पैमाना नहीं है जो तय कर सके कि ये केस छोटा है या बड़ा। देश में मेरिन जैसे पुलिस ऑफीसर हो जाए तो शायद बच्चियों के साथ ये घटनाएं होने से बच जाए।

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