Monday, July 1, 2019

अमरनाथ यात्रा: सुरक्षा चाक-चौबंद, 26 साल में 14 हमले और 68 मौतें



'हर-हर महादेव' का नारा और आतंकियों का साया। पवित्र अमरनाथ यात्रा आज से शुरू हो गई है। एक जुलाई से शुरू होकर 15 अगस्त तक चलने वाली इस यात्रा में सरकार के लिए सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। पाकिस्तान के साथ सख्त रूप अपनाए हुए और घाटी में आतंकियों के सफाए के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन आलआउट के तहत सुरक्षाबलों ने अब तक 140 आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया है।

पुलवामा में हुए बड़े आतंकी हमले और हाल ही में अनंतनाग में हुए आतंकी हमले के बाद अमरनाथ यात्रा पर खतरे के बादल और भी गहरे हो गए है। इसके अलावा राज्य में विधानसभा चुनाव भी होने है, ऐसे में आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते है। इसके अलावा ख़ुफ़िया इनपुट से बालटाल रूट पर आतंकियों को निशाना बनाने की आशंका मिली है। इन सब खतरों के बाद सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है।

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वैसे तो हर साल ही अमरनाथ यात्रा पर आतंकी साया मडराता है लेकिन इस बार आतंक के खिलाफ भारत के सख्त रूप को देखते हुए इस बार अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा कड़ी चुनौती बनी हुई है।

कब-कब अमरनाथ यात्रियों पर हुआ हमला-

1993 में आतंकियों ने पहली बार अमरनाथ यात्रियों को निशाना बनाया था। इसके बाद सबसे ताजा हमला 2017 में अमरनाथ यात्रियों की बस को निशाना बनाया गया था। 1993 से अभी तक 26 सालों में अमरनाथ यात्रियों पर 14 हमले हो चुके है जिसमें 68 लोगों की जान गई है।

1993

1993 में हुई अमरनाथ यात्रा पर पहला आतंकी हमला हुआ था। इस साल हुए दो आतंकी हमलों में दो यात्रियों ने जान गंवा दी थी। यह यात्रा पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन हरकत उल अंसार और लश्कर ए तैय्यबा की धमकियों के बीच हुई थी।

1994

19 94 में हुई अमरनाथ यात्रा में भी आतंकियों ने अमरनाथ यात्रियों को निशाना बनाया। इस हमले में दो यात्रियों की जान चली गई।

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1995

इस साल हुई अमरनाथ यात्रा पर तीसरा आतंकी हमला हुआ। इस दौरान तीन आतंकी हमले हुए। गनीमत ये रही कि किसी भी यात्री की जान नहीं गई।

1996

1996 में हुई अमरनाथ यात्रा के दौरान दो आतंकी हमले हुए। हालांकि इस दौरान सभी यात्री सुरक्षित रहे।

2000

2000 में हुई अमरनाथ यात्रा पर घात लगाए आतंकियों ने सबसे बड़ा हमला किया। 2 अगस्त 2000 को आतंकियों ने अमरनाथ यात्रियों के पहलगाम बेस कैंप में अंधाधुंध फायरिंग की। इस हमले में 32 श्रद्धालु, स्थानीय दुकानदार और पोर्टरों की जान गई। आतंकियों की इस खूनी साजिश में 60 लोग घायल भी हुए थे। अमरनाथ यात्रा पर हुआ आतंकी हमलों में यह सबसे बड़ा हमला था।

2001

सबसे बड़े आतंकी हमले के एक साल बाद फिर 20 जुलाई 2001 को आतंकियों ने पहलगाम बेस कैंप से आगे शेषनाग लेक के पास अमरनाथ यात्रियों को निशाना बनाया। आतंकियों ने यात्रियों के कैंप पर हथगोले फेंके. जिसमें 12 लोगों की मौत हुई और 15 लोग घायल हुए थे।

2002

30 जुलाई 2002 को आतंकियों ने फिर अमरनाथ यात्रियों को निशाना बनाते हुए टैक्सी पर हमला कर दिया। आतंकियों ने श्रीनगर से अमरनाथ यात्रा के लिए जा रहे  श्रद्धालुओं की प्राइवेट टैक्सी पर हमला किया। इस हमले में दो यात्रियों की मौत हो गई और दो लोग घायल हुए। इसके बाद 6 अगस्त 2002 को आतंकियों ने पहलगाम के ननवान कैंप के पास ग्रेनेड फेंका और गोलीबारी की। इस आतंकी हमले में 9 लोगों की मौत और 27 लोग घायल हुए थे।

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2006

20०६ में आतंकियों ने अमरनाथ यात्रियों की बस पर ग्रेनेड फेंका। इस हमले में एक यात्री की मौत हो गई थी।

2017

करीब 11 साल तक शांति से हुई अमरनाथ यात्रा के बाद 10 जुलाई 2017 को आतंकी एक बार फिर अमरनाथ यात्रियों को निशाना बनाने में कामयाब हो गए। आतंकियों ने अनंतनाग में यात्रियों की बस पर अंधाधुंध फायरिंग की। आतंकियों के इस हमले में 7 यात्रियों की मौत हो गई और 32 लोग घायल हो गए।

हालांकि आतंकियों के खोइफ्नक मंसूबे इसलिए भी कामयाब हो गए थे क्योकि यात्रियों की ये बस सुरक्षाबलों के आधिकारिक काफिले का हिस्सा नहीं थी। सुरक्षाबलों ने इस हमले में शामिल आतंकी मॉड्यूल के खिलाफ कई ऑपरेशन चलाए और 60 दिन के अंदर पूरे आतंकी मॉड्यूल का सफाया कर दिया।

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