सुरभि भावसार
मंच कोई भी हो भारत अब आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सख्त रवैया यही बता रहा है कि भारत अब और आतंकवाद नहीं सहेगा। अंतर्राष्ट्रीय मंच पर हमेशा आतंकवाद का मुद्दा उठाने वाले भारत ने अब इसके लिए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की मांग करते हुए आतंक को पनाह देने वाले देश को जिम्मेदार ठहराने की मांग की है।
साफ़-साफ़ देखा जाए तो एससीओ सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बिना नाम लिए सीधे पाकिस्तान पर प्रहार किया। प्रचंड जीत के बाद दुनिया जीतने निकले मोदी को दुनिया ने गले लगाया लेकिन पाकिस्तान के इमरान खान को हमेशा ही बैकफुट पर ही रहना पड़ा।
इस बैठक में मोदी और इमरान खान आमने-सामने आए लेकिन कोई बात हुई और ना ही कोई मुलाक़ात। इतना ही नहीं मोदी यहां दुनिया के सभी नेताओं के स्वागत में खड़े हुए और हाथ भी मिलाया लेकिन इमरान खान को संदेश दे दिया कि आतंकवाद के खिलाफ भारत सख्त रवैया अपनाए हुए है। पाकिस्तान जब तक आतंकवाद के खिलाफ कदम नहीं उठाएगा भारत बातचीत नहीं करेगा।
खास बात तो ये है कि बैठक के उद्घाटन समारोह में मोदी और इमरान खान एकसाथ हॉल में पहुंचे लेकिन इस दौरान मोदी ने इमरान खान से हाथ मिलाना तो दूर उनकी ओर देखा तक नहीं। इसके अलावा मोदी ने पाकिस्तान द्वारा खोले गए एयरस्पेस का भी इस्तेमाल नहीं किया। वह ओमान के रास्ते बिश्केक पहुंचे है।
आतंकवाद के खिलाफ मोदी को दुनिया का साथ भी मिल गया है। SCO 2019 के घोषणापत्र में क्रॉस बॉर्डर आतंकवाद अहम् मुद्दा बना है। पाकिस्तान के खिलाफ पीएम मोदी का ये सख्त रवैया यही बता रहा है कि अब भारत और आतंकवाद नहीं सहेगा। भारत आतंकवाद मुक्त समाज बनाने का पक्षधर है। अब सवाल ये है कि क्या पूरी दुनिया मिलकर आतंक को हरा पाएगी? क्या मोदी की कूटनीति के आगे पाकिस्तान झुकेगा?

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