लोकसभा चुनाव में अब केवल आखिरी चरण का मतदान बाकी है। चुनावी जंग की आखिरी लड़ाई बंगाल में लड़ी जा रही है। बंगाल में रण में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा के बीच आर-पार की लड़ाई है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में भगवा रंग चढ़ने ही लगा था कि वह लाल रंग में रंगने लगी। ममता बनर्जी अकेले ही भाजपा का सामना कर रही थी कि अब उन्हें पूरे विपक्ष का साथ मिलने लगा है।
दरअसल, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में हुई हिंसा के बाद चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाई और चुनाव प्रचार का समय कम कर दिया। चुनाव आयोग ने चुनाव प्रचार को गुरुवार रात 10 बजे तक के लिए सिमित कर दिया। चुनाव आयोग के इस फैसले के खिलाफ ममता बनर्जी लगातार भाजपा पर हमला बोल रही है।
ममता बनर्जी के इस विरोध को पूरे विपक्ष का साथ मिला है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती तक ममता के साथ खड़े हो गए है। ममता के समर्थन में अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, केसीआर, चंद्रबाबू नायडू जैसे नेताओं ने ट्वीट किया है। विपक्ष की तरफ से एकमुश्त कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली दिन में है, इसी वजह से EC ने रात को बैन लगाया है।
ऐसी स्थिति में ये कहना गलत नहीं होगा कि चुनाव ख़त्म होने से पहले ममता बनर्जी के पीछे पूरा विपक्ष खड़ा हो गया है और ममता उनकी अगुवाई कर रही है। या ये भी कह सकते है कि मोदी-शाह से भिड़कर ममता एक बार फिर नंबर 1 बन गई है।
नतीजों से पहले विपक्ष का यूं एक होना भाजपा की मुश्किल तो बढ़ा ही रहा है, इसके साथ ही ममता बनर्जी को भी विपक्षी नेताओं की प्रमुख रेस में आगे खड़ा कर सकती हैं। हालांकि ये तो देखने वाली बात होगी कि विपक्ष की ये एकता कितने दिन टिकती है।

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