सुरभि भावसार
2014 लोकसभा चुनाव में भारी मतों से जीतकर जब मोदी पहली बार संसद भवन पहुंचे थे तब संसदीय इतिहास में पहली बार वह तस्वीर देखने को मिली थी जिसने सभी को चौंका कर रख दिया था। उस समय कुछ ऐसा हुआ था जो किसी ने सोचा भी नहीं था।
जी हां जब मोदी जब पहली बार संसद भवन पहुंचे थे तो उन्होंने लोकतंत्र के मंदिर के द्वार पर सिर झुकाकर आशीर्वाद लिया था और आज जब दूसरी बार शानदार बहुमत से संसद भवन पहुंचे तो संविधान को प्रणाम किया। यह दोनों तस्वीर देश के इतिहास में शायद ही पहले कभी देखी गई हो।
वही 2019 में जीत का प्रमाणपत्र लेने के बाद जब नवनिर्वाचित सांसद लोकतंत्र के इस मंदिर में पहुंचे तो सीढ़ियों को सिर झुकाकर प्रणाम किया। सबसे ज्यादा खुशी उन सांसदों के चेहरे पर देखने को मिली जिन्होंने पहली बार जीत का स्वाद चखा।
बेंगलुरु साउथ से जीतकर भाजपा के सबसे युवा सांसद तेजस्वी सूर्या संसद भवन पहुंचे थे उन्होंने लोकतंत्र के मंदिर की सीढ़ियों को चूम कर उसे प्रणाम किया।

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