Wednesday, May 22, 2019

मोदी का मिशन 2022




सुरभि भावसार

लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे आना अभी बाकी है लेकिन एग्जिट पोल से ही बाग़-बाग़ हुई भाजपा अपनी मिशन 2022 पर रणनीति बनाने लगी है। एग्जिट पोल में दिख रही नरेंद्र मोदी की सत्ता में शानदार वापसी से भाजपा पूरी तरह कॉंफिडेंट है, वही विपक्ष ईवीएम को बड़ा मुद्दा बनाने में जुटा है।

एक ओर विपक्षी नेताओं का बैठकों का दौर और ईवीएम को मुद्दा बनाने की कोशिश हो रही है वही दूसीर और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने एनडीए नेताओं को डिनर पर बुलाया था। दिल्ली की अशोका होटल में नतीजों के बहाने हुई इस चुनावी डिनर पार्टी में चर्चा 2022 को लेकर हुई। इस पार्टी में नरेद्र मोदी और अमित शाह 2022 का एजेंडा समझा रहे थे।

इस चुनाव में अपनी शानदार जीत को लेकर कॉंफिडेंट अमित शाह और नरेंद्र मोदी ने न केवल अपने सहयोगियों को साधा बल्कि अगले पांच में उन्हें क्या करना है और किन रास्तों पर चलना है ये भी समझा दिया। इससे पहले भाजपा मुख्यालय में हुई एनडीए की बैठक में भी कुछ प्रस्ताव मिशन 2022 से जुड़े रहे।

इसलिए खास है '2022'


2022 में देश की आजादी के 75 साल पूरे होने जा रहे है। ऐसे में भाजपा ने इस समय तक अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं को पूरा करने का टारगेट रखा है। इसके साथ ही भाजपा साल 2022 को अपनी उपलब्धियों के जरिए यादगार बनाने की कोशिश में जुटी हुई है।

मंगलवार को भाजपा मुख्यालय पर हुई एनडीए की बैठक में 2022 के लिए जो प्रस्ताव पारित हुआ है वह है- 'हम संकल्प करते हैं कि 2022 में भारत आजादी के 75 साल पूरे करेगा।  हमारा प्रयास है कि हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों ने जिस मजबूत, समृद्ध, विकसित और समावेशी भारत का सपना देखा हम उन सपनों को पूरा करें और उन्हें आकार दें।'

भाजपा की 2022 को लेकर चल रही तैयारियों से कहा जा सकता है कि पार्टी के लिए 2022 बहुत अहमियत रखता है। इस बात का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि 2019 आम चुनाव के नतीजे आने से पहले ही भाजपा 'मिशन 2022' पर काम करने लगी है।

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