Friday, May 17, 2019

दुनिया में पहुंचा इंदौर का चटपटा स्वाद, UNESCO से मिलेगी पहचान




मध्यप्रदेश का इंदौर शहर अपने चटपटे खाने के लिए पहचाना जाता है। हर तरह के खाने का स्वाद आपको इंदौर में मिल जाएगा। रात को लगने वाला सराफा बाजार और 56 दुकान तो खाने के लिए इंदौर की पहचान बन चुके है। खास बात तो ये है कि 56 दुकान का स्वाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सराफा के खाने का चटकारा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ले चुके है। 

अभी तक तो इंदौरी पोहा, नमकीन और चाट के स्वाद के अभी तक केवल देश के लोग ही कायल थे लेकिन अब इंदौर के स्वाद को अतंरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलने वाली है। इंदौर का सिर्फ खाना ही नहीं बल्कि रंगपंचमी पर निकलने वाली गेर को भी इस लिस्ट में शामिल करने की कवायद जारी है। 

आज आपको इंदौर के ऐसे ही कुछ खास व्यंजनों के बारे में बता रहे है-

पोहा



कहते है यदि कोई इंदौर आया और उसने यहां का पोहा नहीं खाया तो क्या खाया। इंदौरी पोहा पूरे देश में पसंद किया जाता है। सुबह उठते ही इंदौरियों का मन पोहा-जलेबी खाने के लिए ललचाने लगता है। 

साबूदाने की खिचड़ी



साबूदाने की खिचड़ी अधिकतर उपवास के दौरान बनाई जाती है। इंदौरी साबूदाना खिचड़ी में चिप्स, फरयाली चिवड़ा और हरा धनिया डाला जाता है। इसके साथ ही इसमें कई तरह के मसाले भी डाले जाते है जिसके कारण इसका स्वाद अपनेआप में अलग हो जाता है। 

गराडू



वैसे तो गराडू, रतालू मध्य भारत में पाए जाते है लेकिन इंदौरी शैली में तले हुए गराडू की पहचान की अलग है। ये गराडू इंदोरियो की पहली पसंद होने के साथ ही इंदोरियो के लिए चर्चा का विषय है। 

कचौरी



बारिश का मौसम होऔर इंदौर की कचोरी मिल जाए तो मजा दोगुना हो जाता है। जिस दुकान की कचौरी जितनी कुरकुरी और फोसरी हो उसके आगे उतनी ही ज्यादा भीड़ लगी होती है। लहसुन-हरी मिर्च की चटनी, इमली-खजूर की लाल चटनी, प्याज-गाजर का कचूमर, इन चटनियों और कचूमर को जब कचोरी के साथ दिया जाता है तो ये कचोरी अपनेआप में अलग हो जाती है और इंदौर की पहचान बन जाती है। 






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